याद आते है वो दिन जब...



याद आते है वो दिन जब कलम नहीं था हाथ में
पेन्सिल से लिखा करते थे;
बचपन था ऐसा वो जब गलतियाँ भी हम -
रब्बर से मिटाया करते थे

अब तो -
कलम से लिखा गया मिटाते मिटता नहीं,
आंसुओं से भले ही धुंधले हो जाए अक्षर ...
उनके निशान मगर दिल से मिटते नहीं.



Guestbook for Straight from the Heart and You Me & Stories