बादल जो बरसे रातभर दिल की सेज भी भीग गई...यूँ तो रोका था बहुत पर तेरी याद आँखों से छलक ही गई देखा सुबह तो रास्ते भीगे थे सारे...आँखें भी नाम थी...मुझे सताने आ गई बेवफ़ाई तेरी तेरी यादें क्या कम थी?