यादें...


खेल रही हैं आँख-मिचौली मुझसे ,
तेरी यादें आती-जातीं।
कभी मुझे रुलाती हैं, कभी हँसाती हैं,
तेरी यादें आती-जातीं।

पल भर को ठहरकर, बीते ज़माने का अहसास दिलातीं,
तेरी यादें आती-जातीं।
तुझे पीछे छोड़कर हम चल पड़े थे नई राह पर -
फिर क्यों सताती हैं, तेरी यादें आती-जातीं?



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