ख्वाबों में जीनेवाली थी
लबों पे मुस्कुराहट सजानेवाली थी
चंचल थी, मासूम थी, हर ग़म से अनजान थी
मिलती थी मुझे, मुस्कुराती थी मुझे देख के
ऐसी वो एक लड़की थी.
झील-सी आँखें थी
बादल से घने लंबे बाल थे
दूध-सी सफेद काया थी
मोतियों जैसे दाँत थे
जहाँ जाती ख़ुशी फैलाती थी
ऐसी वो एक लड़की थी.
मिली एक दिन अचानक से मुझे
मुस्कुराहट कहीं गुम थी
झील-सी आँखें नम थी अश्कों से
बादल से घने बाल बिखरे से
पूछा मैंने हुआ क्या था, कुछ कह ना सकी
रोती रही बस, लगा के मुझे सीने से
आँखों में उसके लिखी सारी कहानी थी
ऐसी वो एक लड़की थी.
देखा यूएस दिन आखरी बार उसे
ख्वाबों में खो गई कहीं
लबों पे आखरी मुस्कुराहट लिए खो गई कहीं
चंचल थी, मासूम थी, हर ग़म से अनजान थी
चंचलता गई, मासूमियत मिटी, ज़िंदगी ग़म की परछायी थी
सोयी है आज वो, दुनिया कहती उसकी कहानी है
ऐसी वो एक लड़की थी.
ख्वाबों में जीनेवाली थी
लबों पे मुस्कुराहट सजानेवाली थी
चंचल थी, मासूम थी, हर ग़म से अनजान थी
मिलती थी मुझे, मुस्कुराती थी मुझे देख के
ऐसी वो एक लड़की थी.
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