कभी ज़िंदगी में मौका मिले तो मुड़कर ज़रूर देखना...
ये देखना कि कितने आगे निकल आए हो;
और ये भी कि क्या-क्या पीछे छोड़ आए हो।
आगे आने की खुशी मनाना
पर पीछे छूटे हुए का एहसास भी हो।
नाप-तोल लो;
क्या खोया और क्या पाया
आगे आने की खुशी मनाओगे -
या पीछे छूटे हुए का गम?
कभी ज़िंदगी में मौका मिले तो मुड़कर ज़रूर देखना...
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