आज



आज ही समेट लो खुशियों को दामन में
कल मौका मिले न शायद
आज ही जगाओ उम्मीद किसीके मन में
कल तुम नाउम्मीद हो जाओ शायद
आज ही ख्वाब सारे सजा लो आँखों में
कल आँखें न खुले शायद
जितना जी सको जी लो एक पल में
कल सांस थम जाए शायद