एक प्याली चाय...


एक प्याली चाय, और दो मारी बिस्किट
भूल जाओ सब परेशानी, सारी किटकिट
गरम गरम कांदा भजी, या वडा पाव खाओ
हो चाहे कितने भी गम, तुम सदा मुस्कुराओ

देखो बारिश, वो छत से टपकती बूँदें
खुश रहो, हँसो हँसाओ, उड़ाओ तुम खुशी के परिंदे
फिर से बच्चे बन जाओ, छोडो पानी में कागज़ की नाव
जाने दो उसे, जिस ओर ले जाए पानी का बहाव.

एक प्याली चाय, और दो मारी बिस्किट