ख्वाब सजे ... उम्मीदें बड़ी


ख्वाब सजे ... उम्मीदें बड़ी
दिन आये और चले गए
रंग चढ़े, रंग धुले
बादल घिर आये, बरसकर चले गए.
ख्वाब सजे ... उम्मीदें बड़ी
सोये-सोये, खोये-से रहे हम कभी
कभी सच्चाई के थपेड़े जगाते रहे
दो दुनिया के बीचयूँही सफर करते रहे ...
ख्वाब सजे ... उम्मीदें बड़ी