सपना था...


एक सपना था आँखों में
जाने कब और कैसे खो गया कही
चीख चीख कर पुकारता था मुझे
अब तो सिसकी तक सुनाई नहीं देती
खो गया कहीं, शायद दुनियादारी के झमेले में
एक सपना था आँखों में.

Guestbook for Straight from the Heart and You Me & Stories