Geet

एक गीत लिखा है मैंने तुम्हारे लिए
सुनाऊंगी आज रात जब मिलेंगे हम
बैठेंगे कुछ पल समंदर किनारे
हाथों में लिए हाथ
मैं सुनौंगी, लहरों का होगा साज़
सुनना तुम आँखें बंद करके
शब्दों के पीछे छिपे भाव समझना.
मुस्कुराना पसंद आये तो;
ना पसंद आये तो भी मुस्कुराना .

एक गीत लिखा है मैंने तुम्हारे लिए
सुनौंगी आज रात जब मिलेंगे हम, ख़्वाबों में.