आती है याद कभी
उन पुराने दोस्तों की
जो ज़िन्दगी के सफ़र में कहीं खो गए
रह गए उनके क़दमों के निशाँ
यादों की गीली रेत पर
चलते हैं हम भी कभी फूर्सत में
मिलाके उन क़दमों से अपने कदम...
यूँ लगता है तब
सारे दोस्त यही है, मेरे साथ,
साए की तरह
खामोशी से अपने होने का एहसास दिलाते हुए...
याद आती है कभी उन पुराने दोस्तों की
जो साथ न होकर भी हमेशा साथ रहते हैं.
Return to Main Page
