बस अब बहुत हो चूका...


बस अब बहुत हो चूका
अब इससे ज्यादा मैं सह नहीं सकती
आओ आमने - सामे बैठकर हिसाब कर ले
जो आक तक एक दुसरे को दिया है वो वापिस ले ले

मैंने खर्चा है आज तक जो
वो सब लौटा दो मुझे
वो लम्हे इंतज़ार के ...
वो उम्मीदों से भरे ख्याल...
वो सपनो का घर...
वो चांदनी रातें...
लौटा दो सब कुछ...
वो अधूरी चाहत ... वो मुलाकातें

ले जाओ अपना सामान
वो गम वो अधूरे अरमान
वो नाकाम मुहोब्बत...
वो अनकहे जज़्बात...
वो टूटे सपने सारे...
वो अन्चाल्के आंसू...
ले जाओ सबकुछ ...
मैंने बहुत सहा है ...
अब तुम सहो कुछ.

बस, तुम्हारी एक चीज़ अपने पास रख रही हूँ
"तुम्हारी यादें"
जो तुमसे बहुत अच्छी हैं ...
चाहो तो उसके बदले तुम मेरा दिल रख लो
जिसमें आज भी तुम्हारे लिए मुहोब्बत बसी है

बहुत दिया है तुमने एक मुहोब्बत के सिवा
और मैं ...
मैं नाकाम मुहोब्बत के अलावा कुछ दे ना सकी ...
मुझे माफ़ कर दो.
Three ways to stay tuned to the updates on Straight from the Heart
  1. Like and follow the Facebook Page
  2. Download and Install SFTH+ App: Android | iOS (free and NO ads)
  3. Subscribe to whatsapp broadcasts (send me a message using the contact form and we will take it from there.)