निशान...



कहीं कुछ निशान छूट गए हैं क़दमों के ...
आज भी वहीँ हैं,
जिंदगी की थपेडों ने ला रखा है कुछ ऐसी जगह
के वो निशान अब दिखते भी नहीं,
पर पता है मुझे ...
वो निशान वही हैं आज भी,


थम से गए समय में एक याद बनकर रह गए हैं.